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कहानी : नजरिया

“कितने हुए..? “-कुर्ते की ज़ेब में हाथ डालते हुए रामकिसुन ने पूछा। “पंद्रह रूपये हुजूर”-  हांफते हुए कहा रिक्शेवाले ने। “अरेssss..!.. क्या...